मनीष हत्याकांड : एसआईटी ने  नामजद पुलिसकर्मियों पर अब साक्ष्य मिटाने और संगठित होकर अपराध करने की धाराएं बढ़ाईं

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गोरखपुर मनीष हत्याकांड में एसआईटी ने जांच के बाद एफआईआर में साक्ष्य मिटाने और संगठित होकर किसी अपराध को अंजाम देने की धारा बढ़ाई है। इससे केस और मजबूत हो गया है और आरोपी पुलिस कर्मियों को सख्त सजा मिलेगी। जांच के दौरान एसआईटी ने साक्ष्य मिलने पर यह दोनों धाराएं एफआईआर में इजाफा किया है।

गोरखपुर के होटल कृष्णा पैलेस में कानपुर बर्रा के मनीष गुप्ता की पुलिस ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इसके बाद मनीष की पत्नी ने रामगढ़ताल थाने में इंस्पेक्टर जगत नारायण, दरोगा अक्षय कुमार मिश्रा समेत छह पुलिस कर्मियों पर हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। शासन के आदेश पर कानपुर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी की अध्यक्षता में पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी मामले के एक-एक बिंदु की गोरखपुर में जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आया कि पुलिस कर्मियों ने हत्याकांड के बाद होटल से साक्ष्य मिटाने का हर संभव प्रयास किया था। इसके चलते एफआईआर में आईपीसी की धारा-201 बढ़ा दी गई। इसके साथ ही संगठित होकर मनीष हत्याकांड को अंजाम दिया था। इसके चलते एफआईआर में धारा-34 का इजाफा कर दिया गया।

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प्राथमिकी में बढ़ाई गईं धाराएं :
– धारा 201 आईपीसी – अपराध के साक्ष्य का विलोपन, या अपराधी को प्रतिच्छादित करने के लिए झूठी जानकारी देना।
– भारतीय दंड संहिता की धारा 34 के अनुसार, जब एक आपराधिक कृत्य सभी व्यक्तियों ने सामान्य इरादे से किया हो, तो प्रत्येक व्यक्ति ऐसे कार्य के लिए जिम्मेदार होता है जैसे कि अपराध उसके अकेले के द्वारा ही किया गया हो।

फरार पुलिस कर्मियों की तलाश में छापेमारी : हत्याकांड के आरोप में एसआईटी और गठित अन्य टीमों ने गोरखपुर से ही हत्यारोपी इंस्पेक्टर जगत नारायण और दरोगा अक्षय मिश्रा को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इसके बाद भी हत्याकांड में शामिल चार पुलिस कर्मी अभी भी फरार चल रहे हैं। इन चारों फरार पुलिस कर्मियों की तलाश में टीमें ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। चारों आरोपियों ने अपने अधिवक्ता से संपर्क करके कोर्ट में सरेंडर करने का प्रयास कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही यह चारों पुलिस कर्मी कोर्ट में सरेंडर करेंगे।

हत्याकांड में गिरफ्तार पुलिसकर्मी : निरीक्षक जगत नारायण सिंह निवासी थाना मुसाफिरखाना, जनपद अमेठी। एस आई अक्षय कुमार मिश्रा निवासी थाना नरही, जनपद बलिया

ये पुलिस कर्मी चल रहे हैं फरार : उप निरीक्षक विजय यादव निवासी थाना बक्सा, जनपद जौनपुर। उपनिरीक्षक राहुल दुबे निवासी थाना कोतवाली देहात, जनपद मिर्जापुर। मुख्य आरक्षी कमलेश सिंह यादव निवासी थाना परिसर, जनपद गाजीपुर। आरक्षी नागरिक पुलिस प्रशांत कुमार निवासी थाना सैदपुर, जनपद गाजीपुर।

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