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जिला सहकारी बैंक के विलय में विलंब से बैंककर्मी खफा, आंदोलन की चेतावनी

16-17 को बैज लगाकर विरोध जताएंगे, 20 दिसंबर को लखनऊ में देंगे धरना

जिला सहकारी बैंक की 1300 शाखाओं का उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी  बैंक में विलय में देरी से 50 जिला सहकारी बैंकों के नाराज कर्मचारी अब आंदोलन के मूड में हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि 2017 में विलय की संस्तुति को जानबूझकर प्रदेश सरकार टाल रही है। प्रभावशाली लोगों के चंगुल में फंस कर नाबार्ड की रिपोर्ट और आईआईएम के प्रोफेसर विकास श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बनी कमेटी की संस्तुति पर हीलाहवाली की जा रही है।

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आल इंडिया कोआपरेटिव बैंक इम्प्लाइज फेडरेशन से संबद्ध कोआपरेटिव बैंक्स स्टाफ एसोसिएशन के महामंत्री विजय प्रकाश सक्सेना और अध्यक्ष बृजेंद्र स्वरुप सिंह ने बताया कि आयुक्त, निबंधक, सहकारिता और उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक व सहकारिता विभाग के द्वारा जिला सहकारी बैंक पर गैर बैंकिंग नीतियां थोपी जा रहीं हैं। इतना ही नहीं टेक्नालाजी के नाम पर संसाधनों का दोहन कर आर्थिक रूप से कंगाल बनाने की साजिश हो रही है।

दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि जहां एक ओर केंद्र सरकार वाणिज्यिक बैंकों को मर्ज कर विशाल बैंक की संरचना की पक्षधर है वहीं प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री कुछ लोगों के बहकावे में आकर मुख्यमंत्री की योजना पर पानी फेर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों के समर्थन में 20 दिसंबर को लखनऊ में धरना दिया जाएगा। इससे पहले 16 और 17 दिसंबर को बैज लगाकर अपना आक्रोश दिखाएंगे।