• Wed. Jan 26th, 2022

मनीष गुप्ता हत्याकांड…तो तिहाड़ की रोटी खाएंगे इंस्पेक्टर जेएन सिंह एंड कंपनी

सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट, इंस्पेक्टर सहित सभी पुलिस वाले हैं आरोपी

कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता हत्याकांड में सीबीआई ने शुक्रवार को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। सीबीआई ने इंस्पेक्टर जेएन सिंह, तीन सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को हत्यारोपी माना है। इन सभी के खिलाफ सीबीआई ने आईपीसी की धारा 302, 325, 323, 506, 218, 201, 34, 120 b और 149 के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई अब कोर्ट के समन पर आरोपी पुलिस वालों को यहां से कस्टडी रिमांड पर लेकर दिल्ली के तिहाड़ जेल में दाखिल करेगी।

उधर, शुक्रवार को आरोपी पुलिस वालों ने अपनी जमानत के लिए कोर्ट में अपील की थी। हालांकि, कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। ऐसे में पुलिस वाले फिलहाल जेल में ही रहेंगे। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने कहा, ‘मुझे शुरू से ही इस मामले में सिर्फ सीबीआई पर भरोसा था। इसलिए मैं घटना के बाद से ही सीबीआई जांच की मांग कर रही थी। आज आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ चार्जशीट लगना, यह हमारे लिए जीत का एक बड़ा कदम है।

Advertisement

मनीष के दोस्त चंदन सैनी ने कहा, ‘हम सबकी जीत का पहला कदम है। CBI ने अपना काम पूरी इमानदारी और पादर्शिता से किया है। अब उम्मीद है कि जल्द ही हम मनीष को न्याय दिला सकेंगे’।
हरबीर सिंह ने कहा, गोरखपुर पुलिस ने तो घटना के दिन हम दोस्तों को ही इस केस में फंसाने की ठान ली थी। लेकिन हम सब अपनी सूझबूझ से काफी संघर्षों के बाद इससे निकल सके’

10 जनवरी तक दाखिल करनी थी चार्जशीट : इस मामले में हत्या का केस तो 28 सितंबर की रात को ही दर्ज हुआ था। पहली गिरफ्तारी 10 अक्टूबर को इंस्पेक्टर जेएन सिंह और सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा की हुई थी। ऐसे में CBI के पास चार्जशीट दाखिल करने के लिए 90 दिन यानी कि 10 जनवरी तक का ही वक्त बचा था। तय समय में ही CBI ने मामले की जांच पूरी कर इस केस में चार्जशीट दाखिल कर दी।

क्या हुआ था 27 सितंबर की रात : कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके के होटल कृष्णा पैलेस में 27 सितंबर की रात पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। परिवार वालों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया था। इस मामले में मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने रामगढ़ताल थाने पर तैनात रहे इंस्पेक्टर जेएन सिंह, दरोगा अक्षय मिश्र, राहुल दुबे, विजय यादव, कांस्टेबल कमलेश यादव और आरक्षी प्रशांत सहित छह पुलिसकर्मियों पर पति की हत्या का केस दर्ज कराया है। सभी पुलिसकर्मी वर्तमान में गोरखपुर जेल में बंद हैं।