• Wed. Dec 1st, 2021

काशी विश्वनाथ धाम पहुंची मां अन्नपूर्णा की दुर्लभ प्रतिमा, गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्राण-प्रतिष्ठा

108 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सोमवार सुबह मां अन्नपूर्णा की दुर्लभ प्रतिमा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंच गई। गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा यात्रा की अगवानी की। पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारे और हर-हर महादेव के उद्घोष से गुंजायमान है। मंगला आरती के बाद से ही मंदिर परिसर में आयोजन शुरू हो गए थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्राण-प्रतिष्ठा।

भव्य स्वागत के बाद प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान आरंभ हो गए। गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यजमान बने। सीएम योगी ने प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की। काशी विश्वनाथ मंदिर का अर्चक दल काशी विद्वत परिषद की निगरानी में संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्ण कराया। मूर्ति स्थापना के बाद योगी आदित्यनाथ ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई। जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर बाबा से आशीर्वाद मांगा। जनकल्याण के भावों से बाबा का पूजन अर्चन कर वहां से रवाना हुए।

18वीं सदी की है प्रतिमा : बलुआ पत्थर से बनी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा 18वीं सदी की बताई जाती है। मां एक हाथ में खीर का कटोरा और दूसरे हाथ में चम्मच लिए हुए हैं। प्राचीन प्रतिमा कनाडा कैसे पहुंची, यह राज आज भी बरकरार है। लोगों का कहना है कि दुर्लभ और ऐतिहासिक सामग्रियों की तस्करी करने वालों ने प्रतिमा को कनाडा ले जाकर बेच दिया था। काशी के बुजुर्ग विद्वानों को भी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा के गायब होने की जानकारी नहीं है।

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मां की प्रतिमा का जगह-जगह स्वागत : दिल्ली से 11 नवंबर को रवाना होने के बाद काशी पहुंचने के दौरान मां की प्रतिमा अलीगढ़, लखनऊ, अयोध्या, जौनपुर समेत यूपी के 18 जिलों से गुजरी। दिल्ली से काशी आई माता की प्रतिमा का सोमवार को नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह स्वागत किया। जगह-जगह पुष्प वर्षा, डमरू दल, घंटा घड़ियाल बजाकर माता की रास्ते भर आरती उतारी गई।

काशी में मां को कराया गया नगर भ्रमण : हर जिले में मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा का भव्य स्वागत किया गया। आज सुबह वाराणसी में दुर्गाकुंड मंदिर से माता की प्रतिमा की शोभायात्रा निकली और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार पर पहुंची।